19 October 2004

मुझे भी कुछ कहना है|

 



क्यों खफा हैं, जनाब?

अगर यही बात आपकी प्यारी बिल्ली या आपके पालतू कुत्ते ने कही हो तो? अरे भाई वे भी अपनी पसंद नापसंद जाहिर करना चाहते हैं| यकीन नही आता तो जरा दिमाग पर जोर डाल कर देखिए कि आपका प्यारा कुत्ता अब क्यो बाहर जाते ही हर दूसरे जानवर पर टूट पड़ता है? यकायक आपकी बिल्ली क्यों घर की चीजे उलट पुलट करने लगी है या फिर आपका तोता अब मेहमानों से रामराम या हैलो कहने की जगह चीखता क्यो है? अमेरिका में पशुमनोविज्ञानियों का काम ऐसी ही गुत्थियों को सुलझाना है| चौंकिए मत, यह कोई पैसे ऐंठने का नया तरीका नही है| पशुमनोचिकित्सकों की बकायदा web sites हैं| वे पहले आपसे आपके पालतू पशु की तस्वीर,जन्मकुडंली यानि कि वह आपके घर कब आया और उसके खानपान,व्यवहार,उसके बाकी संगीसाथियों का ब्यौरा और संक्षेप में समस्या का वर्णन मँगाते हैं| फिर वे टेलीपैथी का ईस्तेमाल करते हैं और बकायदा आपके पालतू पशु के साथ दोचार मीटिंग में उन्ही की भाषा में बातचीत करते हैं| नतीजे कई बार आपको दंग भी कर सकते हैं, जैसे कि आपके कुत्ते या बिल्ली को कोई खास किस्म का खाना या शैंपू नापसंद हो सकता है| या हो सकता है कि उन्हें आपका नये म्यूजिक सिस्टम की तेज आवाज नागवार गुजरती हो| कई बार तो जानवरों को आपके रहने की जगह भी नापसंद होती है| जानवर बेजुबान जरूर होते है पर अपनी भावनाऐं अपनी हरकतों से व्यक्त कर सकते हैं|अगर आपको यकीन न हो तो गूगल पर "Pet Psychic" की सर्च करके देखिए, दर्जनों web sites खुल जायेंगी| मुझे अपने चचेरे भाई सचिन का कुत्ता रेक्सी याद आता है| रेक्सी गुरू गर्मी की नींद का मजा ले रहे थे और सचिन भाई हर दस पद्रंह मिनट में रेक्सी के पास से जब भी गुजरते तो आवाज देते "रेक्सी, सो रहे हो?" बेचारे रेक्सी की नींद में खलल पड़ रहा था| जब सचिन की यह हरकत रेक्सी की बर्दाश्त से बाहर हो गई तो उसने खौखिया कर सचिन को दौड़ा लिया और कमरे में दुबकने पर मजबूर कर दिया| जब भी सचिन बाहर निकलने की कोशिश करते, रेक्सी यमदूत की तरह रौद्ररूप धारण कर उन्हे अंदर जाने पर मजबूर कर देता| पूरे दो घंटे नजरबंद रहने के बाद सचिन भैया ने चाचाजी से मदद की गुहार लगायी| चाचाजी जब चमड़े की बेल्ट लेकर आये तभी रेक्सी मियाँ का पारा कम हुआ|

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