16 November 2004

स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ भ्रांतियाँ और स्पष्टीकरण




खाओ, पियो और ऐश करो प्यारे!

आजकल हर शख्स स्वास्थ्य और अपनी काया के आकार को लेकर चिंतित है| कोई ट्रेडमिल पर अपना तेल निकाल रहा है तो किसी ने अच्छा खासा खानापीना छोड़ कर हरे पत्ते यानि कि सलाद पर मुँह मारना शुरू कर दिया है| जिम, व्यायामशाला और तरूणतालों के दिन बहुर आयें हैं| बाडी फैट, फैट बर्निंग, कोलेस्ट्राल, लोकैलोरी-डाईट, कार्डियोवस्कुलर एक्सरसाईज जैसे शब्द अब ड्राईंग रूम की बहस पर हावी हो गये हैं| बहुत से आरामतलब लोग इस आपाधापी में हैरान हैं कि आखिर वजन घटाओ अभियान कितना जरूरी है| अतः जनसामान्य के लाभ के लिए डा. झटका से इस विषय में किया गया एक ज्ञानवर्धक वार्तालाप प्रस्तुत है|
प्रश्न १: डा. साहब, यह कहाँ तक सत्य है कि कार्डियोवस्कुलर एक्सरसाईज लंबे जीवन के लिए जरूरी हैं|
डा. झटका: दिल को रोज कुछ देर के लिए तेज धड़काने से भला आप ज्यादा दिन कैसे जी जायेंगे? हर चीज देरसवेर घिसती ही है| यह तो वही बात हुई कि तेज चलाने से आपकी कार के ईंजन की लाईफ बढ जायेगी| ज्यादा दिन जिंदा रहना है तो दिल की धड़कनों को फालतू खर्च मत करिए और चैन की नींद सोईये|
प्रश्न २: क्या माँसाहार खाना कम करके फल सब्जियाँ ज्यादा खाना फायदेमंद है?
डा. झटका: एक तीर से दो शिकार करना सीखिए| गाय,भैंस बकरे क्या खाते हैं - हरा चारा, हरी पत्तियाँ जो कि आखिरकार सब्जियाँ ही हैं| मुर्गा अनाज के दाने खाता है|इसलिए गोश्त और चिकन खाने से दोहरा फायदा होगा, माँस तो आप खायेंगे ही, जानवरो की खायी सब्जियाँ,अनाज और वनस्पति भी आपको फायदा पहुँचायेगी|
प्रश्न ३: क्या शराब कम पीना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है?
डा. झटका: बिल्कुल नही| वाईन फलों से बनती है| ब्रांडी तो वाईन का परिष्कृत स्वरूप है| बियर अनाज के दानों से बनती है| वास्तव में यह सारी चीजें फलों से फालतू पानी निकाल कर बनाया गया परिष्कृत दृव्य है| इन सबको छोड़ना फलों से मुँह मोड़ने के बराबर है|
प्रश्न ४: नियमित व्यायाम के क्या फायदे हैं?
डा. झटका: शरीर में नियमित दर्द के अलावा कुछ नहीं हासिल होता |
प्रश्न ५: क्या उठक बैठक (sit-ups) लगाने से कमर की चर्बी कम हो जाती है?
डा. झटका: कतई नही| माँस पेशियों का आकार व्यायाम से हमेशा बढता ही है, आपको ज्यादा बड़ा पेट विकसित करना है तो शौक से उठक बैठक (sit-ups) लगाईये|
प्रश्न ६: तैराकी से क्या शरीर सुगठित हो जाता है?
डा. झटका: अगर ऐसा है तो व्हेल मछलियों जो जिंदगी भर तैरती रहती हैं, उनके बेडौल शरीर के बारे में क्या ख्याल है आपका?
प्रश्न ७: चाकलेट क्या स्वास्थ्य के लिए बुरी है?
डा. झटका: अजी चाकलेट कोको-बीन्स से बनी है, इससे बेहतरीन खाद्य पदार्थ हो ही नही सकता|
प्रश्न ८: क्या फास्ट फूड जो कि तेल में फ्राई होते हैं जैसे कि चिप्स,फ्रेंच फ्राई वगैरह स्वास्थ्य के लिए बुरे हैं?
डा. झटका: आप ध्यान नही दे रहे| यह सब खाद्य पदार्थ वेजीटेबल आयल यानि कि सब्जियों से बने तेल में पकते हैं| ज्यादा सब्जियाँ खाना नुकसानदायक कैसे हो सकता है|

उम्मीद है कि ईस साक्षात्कार ने आपके भोजन और आहार के विषय में बहुत से भ्रम दूर कर दिये होंगे| याद रखिए कि जिंदगी जिंदादिली का नाम है, मुर्दे भी क्या खाक जिया करते हैं|

5 comments:

अनूप शुक्ला said...

भ्रम में हम थे भी नहीं पर डा.झटका के समर्थन के बाद हमारा अपनी जीवन शैली पर विश्वास और बढ गया.सबेरे का सबसे अच्छा व्यायाम हम सोने को मानते रहे आज तक .अब हमें अपने विश्वास को तर्क का सहारा
भी मिल गया.सो हम आभारी हैं डा.झटका के बमार्फत आपके .बधाई.

Jitendra Chaudhary said...

ये डा.झटका,
कंही कानपुर वाले अतुल अरोरा जी तो नही है?
आपका इंटरव्यू पढकर मजा आ गया.... सारे मर्द तो आपकी बातो का समर्थन करेंगे, लेकिन लेडीज.....ध्यान रखना,कंही से भी हमला हो सकता है,...भाभीजी को पढाया कि नही?

आशीष said...

हमको तो पढ़ने में अच्छा लगा पर जब मैंने घर में बताया तो जूते पड़ गये, सुनने को मिला कि क्या अंटशंट पढ़ते हो, कोई कामधाम है कि नहीं। अब आप ही बतायें कि क्या किया जाये, इस ज्ञान का कैसे प्रचार करूं?

आशीष

rajarshi pratibh said...

bakwas....logo ko bhramit mt kriy....

rajarshi pratibh said...

bakwas....logo ko bhramit mt kriy....