07 May 2004

विदेशी शहर के खालिस देशी मेयर का घोषणापत्र

आज जीवन के ३४ बसंत पूरे हो गये| सवेरे से बधाईयों का ताँता लगा है| मेरी खुशनसीबी कि ईतने चाहने वाले हैं| जो चले गये ईस जहाँ से उनकी जगह खाली ही रहेगी पर जो है उसका ही आनंद उठाया जाये| सवेरे एक भाभीजी का बधाई का फोन आया तो सूझी मसखरी और बोला कि काश खुदा से कुछ और माँगा होता| उन्होनें पूछने पर कि मेरी मुराद क्या है मेरा जवाब था कि काश मैं अटलाँटा का मेयर बन जाता| यह आरजू है या ख्याली खुराफात यह तो नीचे लिखा विदेशी शहर के देशी मेयर का घोषणापत्र ही बता सकता है|
विदेशी शहर के खालिस देशी मेयर का घोषणापत्र

  • सारी केबल कंपनियों को दूरदर्शन दिखाना आवश्यक|

  • हर रविवार सुबह ९ बजे से १२ बजे तक हर मंदिर के टेलीफोन पर ईंडिया काल की सुविधा फ्री| कारण आर्थिक नहीं महज हिंदुस्तानियों को फ्री काल के लिए हुल्लड़ करते देखने की चाह जो यहाँ कभी देखने को नही मिलता|

  • देशियों के लुँगी एवं निक्कर पहनने पर पचास डालर का फाईन कारण न तो भारतीय महिलाऐं निक्कर में संस्कृति की दलील देती सुहाती हैं न ही मर्द| लुँगी पर प्रतिबंध सिर्फ सुरक्षात्मक कारणो से ताकि किसी अमेरिकी का कुत्ता लुँगीधारी पर कतिपय कारणों से मेहरबान होकर पीछे दौड़ ले तो भागते समय गिरने का डर न रहे|

  • हर हाईवे फ्रीवे या जो कोई भी वे हो उस पर स्पेशल १० मील प्रतिघंटा की अधिकतम गतिसीमा वाली लेन का निर्माण जहाँ मेरी बीबी या अन्य भारतीय महिलाऐं हार्न बजाने वालो से बेपरवाह होकर सुकुन से कार चला सकें| कभी कभी हम भी उस पर वेस्पा पियाजियो चला सके|

  • हर हाईवे के एक्जिट वाले रैंप पर एक पान की दुकान को लाईसेंस|

  • हर ऐसी साफ्टवेयर कंपनी जो आठ घंटे से ज्यादा काम कराये और मोरल एलिवेशन के नाम पर संडे को ६ डालर का बासी ईंडियन बुफे खिलाए साथ में टीम भावना पर भाषण भी दे उस पर ३०० प्रतिशत सर्विस टैक्स|

  • जेसीपेनी , सियर्स, मेसीज और बाकि स्टोर्स द्वारा हर सप्ताहाँत पर सेल के ईश्तिहार लगाने पर सख्त प्रतिबंध| आखिर ईन्हें हमारे जैसे कंजूसो की भावनाओं का कुछ तो ख्याल रखना चाहिए|