07 April 2005

तांत्रिको ओझाओं के लिए आऊटसोर्सिंग की संभावनाऐं जगीं

जापान की इस कंपनी ने भूत प्रेतो की उपस्थिती दर्शाने का राडार ईजाद किया है| यह कंप्यूटर की USB Drive में लग जाता है| इसमें लगा LED संकेतक पराशाक्तियों की उपस्थिति में जल उठता है| इस राडार में लगी जैव घड़ी और असामान्य ऊर्जा स्तर की उपस्थिति नापने वाला संकेतक बता सकता है कि


  • भूत या प्रेत कितनी दूर है?
  • क्या भूत या प्रेत चल रहा है?
  • उसका मानवो पर कोई असर हो सकता है?

अब लाख टके का सवाल है कि आपने अगर भूत प्रेत का पता लगा भी लिया तो उनसे निपटेगा कौन| यहीं पर मात खा गये जापानी| अजी भारत के तांत्रिक और ओझा किस दिन काम आयेंगे? हमें फौरन चार छह वेब साईट बना डालनी चाहिए जैसे कि www.internationalghotsbuster.com वगैरह| काल सेंटर भी बनाये जा सकते हैं| वीडियो कांफ्रेसिंग की सुविधा के साथ, ताकि हमारे तांत्रिक स्क्रीन पर देख सके कि भूत कितना प्रचंड या उज्जड् है और उसके हिसाब से उसका ईलाज कर सकें|अब अगर यह खबर सही है तो हमें जल्द ही रेलवे स्टेशनों की दीवारों पर ऐसे विज्ञापन देखने को मिलेंगे
अँतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाबा अघोरानंद
जापानी तकनीकि और भारतीय पद्धति के अनूठे समायोजन से द्वारा भूत दिखाने और भगाने की अचूक व्यवस्था|यादि आप विदेश में रहते हैं और किसी व्याधि से पीड़ित हैं तो तुरंत 1-800-bhoot-bhagao मिलाईये या फिर getridofgost@aghoranand.com पर ईमेल करिए. हम रिमोट पद्धति से अदृश्य बाधा का उपचार करेंगे|
कृप्या नोट करें

  • अग्रिम भुगतान के बाद ही उपचार होगा|
  • भुगतान सिर्फ वीसा या मास्टर क्रेडिट कार्ड से|
  • एक भूत भगाने की फीस १०० डालर|
  • भूतो के झुंड के लिए कोई डिसकाउँट नहीं|
  • भूत अगर पड़ोसी के घर घुस जाये तो हमारे संस्थान की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी|
  • भूत से संवाद में अनुवादकों की फीस अलग से लगेगी|
  • हमारे संस्थान से सिर्फ प्रेतबाधाओ से मुक्ति के लिए संपर्क करें
  • पति या प्रेमि प्रेमिका के वशीकरण, दुश्मनों को सबक सिखाने या किसी अन्य उद्देश्य के लिए तंत्र मंत्र की क्रिया के लिए परेशान न करें|

5 comments:

अनूप शुक्ला said...

यह भी लिख दो -अधिक जानकारी के किये मिलें-रोजनामचा मालिक,इंडीब्लागर अवार्ड विजेता अतुल अरोरा से.ब्लाग का नया रूप बढिया लग रहा है.बधाई.

Jitendra Chaudhary said...

भई, चिट्ठे का नया कलेवर तो बहुत ही शानदार दिख रहा है,
भूत वाले सब्जैक्ट पर टिप्पणी उधार रही, कल करेंगें

Vijay Thakur said...

अरे नयी चादर ओढ ली भैये। सही है बिल्कुल।

मज़ेदार प्रविष्टी है।

Tarun said...

ब्लाग का नया रूप बढिया लग रहा है...radar to thik hai bus usme virus aane ki kitni sambhavna hai....kahin infected hoke aadmi ko bhoot na batane lage.....

Ashish Gupta said...

Hey Atul,

Thanks for your reply on my blog. I am interested in knowing how do you write blog in hindi? Which software do you use? And further more, how come your readers can also comment in Hindi while I can't! I think that writing in Hindi, either using unicode's characters, or using text editor with embeded font is still a huge task. I have tried writing in MSWord but it is so cumbursome. Still you seem to manage good frequency of updating and also write long blogs. How do you manage that?

By the way, your blog is good. Will comment more as and when I read.