13 June 2005

नरेंद्र चँचल














प्रसिद्ध भजन गायक श्री नरेंद्र चँचल कल न्यूजर्सी के दुर्गा मँदिर में पधारे। बकौल श्री चँचल वे हर बार अमेरिका भ्रमण की शुरूआत इसी मँदिर से करते हैं। इस बार मेरे पार्किंग की मारामारी , मंदिर की भीड़भाड़ या फिर देर रात तक बच्चो को जगाये रखने की विवशता का कोई भी तर्क श्रीमती जी के आगे नही चला। रात बारह बजे से सुबह चार बजे तक चँचल जी की भजन गायकी का साक्षात आनँद लिया। साथ ही दो स्थानीय कलाकारो ने राधा कृष्ण और शिव पार्वती के रुप में सुँदर नृत्य प्रस्तुत किये। शँकर जी का डमरू और जटाओ से निकलती हाईटेक गँगा की धारा बाके बिहारी के लिए कौतूहूल का विषय बना। बाँके बिहारी कार्यक्रम के बीच लाल कुर्ते वाले अँकल (नरेंद्र चँचल) से दौड़ कर हाई फाईव भी कर आये। बाँके बिहारी की पूरे कार्यक्रम पर एक टिप्पणी मे प्रतिक्रिया थी "Dad, I like Radha Rani"।
भजन गायन के बीच संचालको से पंजाबी में मीठी नोकझोक, किसी भी बच्चे द्वारा उन तक पहुँच कर आटोग्राफ या फोटो लेने की स्वतंत्रता, श्रोतागणों से सीधे संवाद चँचल जी के सरल व्यक्तित्व की झलक दे रहे थे। "बेशक मँदिर मस्जिद तोड़ो" और "तूने मुझे बुलाया शेरांवालिये" जैसा प्रसिद्ध गीत गाने वाले चँचल जी का समीप से दर्शन मँदिर संचालको की कुशल व्यवस्था से सुखद साबित हुआ।
कुछ बानगियाँ चँचल जी की जिंदादिल शख्सियत की :
  • एक व्यवस्थापक द्वारा अंग्रेजी में उदघोषणा करने पर उनका उसकी पीठ पर धौल जमाकल टोकना कि "ओये मैनू नी आंदी अँग्रेजी वंग्रेजी, तू पँजाबी क्यूँ नी बोलता।"
  • किसी दानकर्ता की नाम हैरी होने पर कहना "यहाँ आकर हीरा भी हैरी हो जाता है!"

और दानकर्ताओं की टुच्चई की भी हद है, ऊपरवाले ने हमे जो कुछ दिया है वही तो हम मँदिर मे चढाते है तो फिर उसमे अपने नाम का बोलबाला क्यो करवाना चाहते हैं। क्यो अपने नाम की पर्चियाँ भेजकर सौ दो सौ डालर अर्पन करने की डुगडुगी दर्शको के बीच पिटवाते हैं? एक बानगी देखिए "१०१ डालर from टुच्चाचँद-चवन्नीछाप phone dealer. Best quality cheapest phone cards in USA"

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