24 June 2005

अनुगूँज- माज़रा क्या है?

Akshargram Anugunj
पटौदी करे खुल्लमखुल्ला शिकार
अँधे हो गये जँगल के पहरेदार
भईये आखिर माजरा क्या है?



भईये आखिर माजरा क्या है?

मेंहदी पकड़े कबूतर तो मचाए शोर अखबार
पटौदी हुए फरार तो गूँगे हुए पत्रकार
भईये आखिर माजरा क्या है?

भूखी डाँस बार बालाऐं मचाती गुहार
हवलदार फाड़े सबकी सलवार
कान मे डाल के तेल है बैठी
जनता की सरकार
भईये आखिर माजरा क्या है?

कहीं गुड़िया कहीं इमराना कहीं भँवरी कहीं अनारा
कठमुल्लों की अदालतो के चैनल कराते दीदार
भईये आखिर माजरा क्या है?

सूखी धरती सिकुड़े दरिया खाली बाल्टी सूनी नजरिया
फिर भी मल्टीप्लेक्स में बहती पेप्सी की धार
भईये आखिर माजरा क्या है?

चले थे करने मुँडा को नँगा बाबू यशवंत सिन्हा सरे बाजार
उल्टे पड़ गयी सच बोलने पर अडवाणी की फटकार
भईये आखिर माजरा क्या है?

बाँटे त्रिशूल गर तोगड़िया तो मचता कम्यूनल‍ कम्यूनल का हल्ला गुल्ला
लेकिन बन गये नान कम्यूनल राम विलास जपते मुख्यमंत्री मुल्ला मुल्ला
भईये आखिर माजरा क्या है?

बीस मोस्ट वांटेड की लिस्ट को दिखाके ठेंगा मियाँदाद पहने दाऊद के हार
बार्डर पर नो एन्ट्री का बोर्ड लगाके खड़े हैं हमारे छक्के अफसर हवलदार
भईये आखिर माजरा क्या है?

सीना ठोंक के कैंप चलाए शेख सरहद के पार
फिर भी पीस प्रोसेस पे डटी हमरी हिजड़ी सरकार
भईये आखिर माजरा क्या है?

पाकेटमारो पर चटकाते डंडे, छुटभैये चोरो पे होती जूतो की बौछार
ताजमहल बेच दलित की बेटी फिरती, बीच बजरिया पहने नोटो के हार
भईये आखिर माजरा क्या है?

वोटिंग के दिन तो सोते तान के चादर
फिर बजट पे क्यूँ मचाते सब बवाल
भईये आखिर माजरा क्या है?

हाथ पिट गया हथौड़े से
कमल की बहकी चाल
भईये आखिर माजरा क्या है?

2 comments:

अनुनाद सिंह said...

आपने अच्छी लगायी फ़टकार
माजरा क्या है ?

रेलगाड़ी said...

अमेरिका में रह कर भी आप इतना ज्ञान रखते हैं भारत कई रोज़मर्रा की घटनाओं का। अच्छा एक्स्प्रेशन है। हमारा भी मार्गदर्शन करें!