09 August 2005

डोगा यानि श्वान योगा यानि कि कुत्तासन!

आपने कर्मयोग सुना होगा, हटयोग सुना होगा ,पावर योगा तक सुन रखा होगा लेकिन डोगा नही सुना होगा, जो पशुओं और उनके स्वामियों के लिए मोक्ष के द्वार खोल देता है।


यह है नया योगा यानि कि डोगा
जनाब न तो मै ठिठोली कर रहा हूँ न ही कोई नया शगूफा फिर से छेड़ रहा हूँ। यह सब करने से पहले हजार बार सोचना पड़ता है कि कहीं कूपमँडूक आस्तिको की धार्मिक भावनाओं, आस्थाओं, संस्कारों और न जाने कहाँ-कहाँ चोट,ठेस वगैरह लग सकती है। उसके बाद घँटा थाली बजने से लेकर त्रिशूल तक बँट सकते हैं, ईंटरनेट के मैसेज बोर्ड पर धर्मपरायण और धर्मनिरपेक्षों के मध्य युद्ध छिड़ सकता है और तो और अनगिनत याचिकाऐं दायर हो सकती है।
यहाँ जिक्र हो रहा है एनीमल प्लेनेट परअगली पँद्रह अगस्त से प्रातः ११:३० पर शुरू होने वाले कार्यक्रम K9 Karma का। यह अमेरिका में प्रसारित होने वाला है। भारत में अगर आप एकता कपूर के सासबहू के झोंटानुचव्वल सीरियलो या फिर दैनंदिन पॉप त्वचा प्रदर्शन से आजिज आ चुके हो, तो अपने केबिल आपरेटर को यह चैनल शुरू करने के लिए तुरंत हड़काईये।













आईये आपको मिलवाते हैं इस कार्यक्रम के किरदारो से। इस कार्यक्रम की सूत्रधार हैं कॉरी हेरेनडॉर्फ। घुटने की शल्य चिकित्सा से उपचार के दौरान कॉरी का योग से परिचय हुआ। वे लंबे समय से पशु चिकित्सालाय मे तकनीशियन के रूप में कार्य कर रही हैं। पंरतु पिछले आठ साल से उन्होने योगशिक्षा और पिछले ६ सालो से पशु योगशिक्षा को पेशा बना लिया है।


चार्ली पाँच वर्षीय काला श्वान है। उसे एक हाईवे पर अवारा घूमते पकड़ा गया था, वहाँ से उसे पशु संरक्षणालय लाया गया जहाँ कॉरी ने उसे देखा।

मिलिए डोगी (योगी) महाराज चार्ली से

कॉरी के अनुसार बाकी सब अब इतिहास है। कॉरी के अनुसार चार्ली ने ही डोगा का अविष्कार किया है। एक दिन घर पर योगाभ्यास के दौरान चार्ली उनकी चटाई पर लेट गया और उसने मानो आँखो से कहा "मैं योगा हूँ।" कॉरी के अनुसार श्वान योग जानते हैं। वे सूर्य नमस्कार और पीठ के बल लेटकर शवासन करना पहले से जानते हैं। लोग योग संतुलना साधने के लिए करते हैं जब्कि श्वान यह सब पहले से जानते हैं। कॉरी कहती हैं कि डोगा आपकी ओर से आपके श्वान के बँधन को मजबूती प्रदान करता है, क्योकि श्वान तो पहले ही आपसे शतप्रतिशत वफादार है।










आपकी जानकारी के लिए यहाँ कुछ तस्वीरे दिखाई गयी हैं। यह वे आसन हैं जिन्हें आप अपने श्वान के साथ घर पर कर सकते हैं। इन आसनों को मूल आसन मुद्राओं मे साधारण हेरफेर से तैयार किया गया है ताकि इन्हें श्वान के साथ किया जा सके। ज्यादा जानकारी के लिए तो आपको K9 Karma का इंतजार करना होगा।

अगर अभी भी आपके ज्ञानचक्षु न खुले हों और आप कुत्ते के नाम से नाकभौं सिकोड़ रहे हो तो जरा इन तथ्यों पर नजर डालिए।

मित्र तुम कितने भले हो


  • पालतू पशु रक्तचाप सामान्य रखने में सहायक हैं। यह सिद्ध हुआ है न्यूयार्क के बफैलो स्थित विश्वविद्यालय में हुए एक अध्ययन से।
  • पालतू पशु तनाव कम रखने में सहायक हैं। ब्रिटेन के वालथॉम पशु पुष्टाहार संस्थान के जोसेफ विल्स का मानना है कि पशुओ के साथ टहलने से नसों का तनाव कम होता है।
  • पालतू पशुओं की मदद से हदृयरोग कम होते हैं। ऐसा होता है पशुओ के विश्वसनीय रिश्ते से मिली मानसिक शांति से, जो हदृयरोग से बचाती है।
  • पालतू पशु अवसाद कम रखने में सहायक हैं। पशु एकाकीपन दूर करते हैं जिससे एक सुरक्षा की भावना का विकास होता है।

किसी महानुभाव के उर्वर दिमाग में यह प्रश्न भी उठ सकता है कि

मैं और योगा? कभी नही!
यदि डोगा यानि कि श्वानयोग हो सकता है तो बिलौटायोग क्यों नही हो सकता। आखिर बिल्लियाँ भी पालतू जीव हैं और लोकतँत्र के नियमानुसार उन्हें भि योग करने पर कोई रोक नही होनी चाहिए। कॉरी के अनुसार बिल्लियाँ भी योगसाधकों को मदद दे सकती हैं पर वे घर से बाहर बिल्ली योग साधना को प्रोत्साहन नहीं देती। क्योकि बिल्लियाँ घर से बाहर निकलते ही सनक जाती हैं और एकाग्रचित्त नही रह सकतीं। शायद इसीलिए कहते हैं कि बिल्लियाँ नाक पर मक्खी भी नही बैठने देतीं।

4 comments:

Sunil Deepak said...

अतुल जी, मुझे भी अपने कुत्ते के साथ ध्यान या योग करने का अनुभव है. वह जब भी मुझे जमीन पर बैठा देखता है, पास आ कर मुँह चाटने लग जाता है, शायद सोचता हो कि मेरी तबियत ठीक नहीं है जो मैं सोफा छौड़ कर जमीन पर बैठ गया हूँ. अगर योग करने के दौरान मुझे घुटनों और हाथों पर कुत्ते जैसी मुद्रा में देखता है तो उसकी खुशी का अंत नहीं, वो मुँह की चटाई होती है कि पूछिये नहीं. सुनील

अनूप शुक्ला said...

लेख,योगशिक्षिका तथा कुत्ता तीनों ही खूबसूरत हैं। तुम भी खुबसूरत काम कर सकते हो यदि फोटो डालने की विधि उधर कहीं सार्वजनिक जगह बता दो।

अनुनाद सिंह said...

ये शैली सचमुच अतुल है । एक साधारण विषय को असाधारण बना दिया है ।

Atul Arora said...

ब्लाग पर तस्वीरों का प्रयोग