11 September 2007

गड्डी जांदी है छलांगा मारदी!

घूमने का शौक रखने वालो के लिये सही गाड़ी है। यह नही पता कि है कित्ते की !

6 comments:

Debashish said...

ओय बस है कि महल. मोशन सिकनेस ना हो तो मैं ताउम्र इसमें रहने को तैयार हूँ :)

Udan Tashtari said...

काश!!!

Amit said...

भाया बस तो मन्ने चौकस दिखे है, पसंद आ गई मन्ने!! ईब तो ये बताओ अतुल भाई कि मन्ने गिफ़्ट कब कर रहे हो इसको? जन्मदिन भी मेरा उरे आ रिया है २३ तारीख ने!! घर के पास खड़ी करने के लिए जगह सैट करनी शुरु करूं क्या? ;) :D

Neeraj नीरज نیرج said...

जब घूम फिर लो और मन भर जाए तो अपने को गिफ्ट कर देना भैये. अमित को मत देना उसके पास पहले से करिश्मा है जिसकी सवारी शान से करता है. ये महल ऑन व्हील्स तो अपने काम ही आएगी.
इसमें एक कंटूपर लगा देना ताकी टीप मारता रहूं.

Rohit said...

भइया जी ! नमस्कार ! बहुत अच्छा ब्लॉग है आपका। सिलसिला बनाए रखें। मेरे ब्लॉग पर भी आपका स्वागत है। कृपया मेरा भी ब्लाग देखे और टिप्पणी दे ! धन्यवाद ! www.rohitkrarora.blogspot.com

rajuchauhan said...

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