22 May 2007

ताज्जुब कैसा?

अनोखे लाल जी आफिस में बैठे थे कि डाक्टर झटका का फोन आ गया ।
डाक्टर झटका: यार अनोखे कमाल हो गया ।
अनोखे लाल: क्या हो गया डाक्टर?
डाक्टर झटका: यार तुम्हारी और भाभीजी की वार्षिक ख़ून की जाँच की रिपोर्ट आयी है।
अनोखे लाल:तो इसमे कमाल की क्या बात है?
डाक्टर झटका: अरे भाभीजी का ब्लड ग्रुप ही बदल गया यार ।
अनोखे लाल: यार तेरी भाभी तो रंग बदलने में माहिर है , अब ब्लड ग्रुप बदलना भी सीख गयी ।
डाक्टर झटका: अरे यार बात तो सुन पूरी पहले । अब तेरा और भाभीजी का ब्लड ग्रुप एक ही हो गया है।
अनोखे लाल: यह तो होना ही था।
डाक्टर झटका: क्या जाहिलो जैसी बाते कर रहे हो। अमाँ मेडिकल साईंस में आज तक ऐसा केस नही हुआ। अरे जाकर घर को सजा सँवार लो, अब टीवी वाले तुम दोनोको इंटरव्यू लेंगे, तुम दोनो सेलेब्रिटी बन गये बैठे ठाले। तुम्हें कोई ताज्जुब नही होता?
अनोखे लाल: काहे का ताज्जुब , अरे जो मेरी बीबी दस साल से मेरा खून पी रही है, तो क्या उसका ब्लड ग्रुप मेरे से मैच नही करेगा ?

04 May 2007

पासा पलट गया !

आज यह दिलचस्प किस्सा सुनने को मिला। एक मध्यमवर्गीय पचास वर्षीय महाशय अपनी शादी की पच्चीसवी वर्षगांठ एक पप्पू के ढाबे में मना रहे थे । अचानक एक देवी प्रकट होकर बोली , तुम दोनो आदर्श पति पत्नी की तरह रहे हो, तुम पर आज हम प्रसन्न है ,बोलो क्या वर माँगते हो ? दोनो को एक एक वर दे सकती हूँ मैं ।

पत्नी ने कहा : जिन्दगी की जद्दोजहद में हम कभी घूम फिर न सके। मैं तो वर्ड दूर करना चाहती हूँ।
देवी ने कहा तथास्तु और दो वर्ड दूर के पैकेज प्रकट हो गए ।
पति कुछ सकुचाते कुछ अकुलाते कुछ बलखाते बोला " माना कि मैंने पूरी जिन्दगी एक पत्नी व्रत किया , परिवार का भरण पोषण किया । पर अब खुद के लिए कुछ मांगने का समय है तो मैं अब पैतालिस साल की मोटी बीबी के साथ वर्ड दूर पे जाने से रहा । मुझे तो अपने से कम से कम तीस साल छोटी छप्पन छुरी बीबी के साथ वर्ड दूर पर जाना कहूँगा ।

देवी ने कहा तथास्तु

अरे आप क्या सोच रहे हो, यह भी कोई बात हुई । यार ये तो सरासर नाइंसाफ़ी हो गयी उस पतिव्रता स्त्री के साथ । पर जनाब यह क्यों भूलते हैं कि देवी भी स्त्री थी । उसके तथास्तु कहते ही पति झक्क से अस्सी का हुई गवा ।

अब यह तो भारत में ही होता है । विदेश में क्या होता है खुद देखिए ।