09 June 2008

मुष्टिका भिडंत बनाम छाती भिडंत


यह दोनों मुद्राएँ विजयनाद करने का एक तरीका हैं. पहले बात करते हैं मुष्टिका भिडंत की . अफ्रीकन अमेरिकन के बीच यह खूब प्रचलित है पर कभी बड़े राजनैतिक सामाजिक मंचो पर इसका सार्वजनिक प्रदर्शन नही देखा गया . जैसे अपने यहाँ कोई ख़ुद को देहाती दिखाने में परहेज़ करता है कुछ वैसे ही अफ्रीकन अमेरिकन के लिए यह ख़ुद को too black साबित करना होता. पर अमेरिकी राष्ट्रपति पद के पहले अश्वेत प्रत्याशी बैराक ओबामा ऐसा नही मानते. डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशिता पाने के अवसर पर भावनाओं के इस इजहार ने असंख्य अमेरिकियों का दिल जीता है . चित्र में बैराक ओबामा अपनी पत्नी मिशैल के साथ fist bump कर अपनी विजय मनाते हुए .

अब बात छाती भिडंत की . यह भी विजयनाद का एक अन्य स्वरूप है. इसे वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश भी पसंद करते हैं ख़ुद देख लीजिये. यहाँ मौका नौसनिको के दीक्षाँत समारोह का है . अब भावनाओं का खुला इजहार तो बुश अंकल भी कर रहे हैं फ़िर काहे लोग उनसे खौरियाते है ?

4 comments:

PD said...

mast hai ji.. :)

अनुपम अग्रवाल said...

जानकारी बढी.

धन्यवाद.

मगर केवल यही एक वजह तो नहीं होगी लोगों की पसन्दगी/ नापसन्दगी की.

politics said...

Life Style hai ji sab apne apne tarah se jite hai.

Maria Mcclain said...

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